गूगल से साभार
भावनाएं, या फिर संवेदनाएं,
आंधी की तरह आती हैं,
पल भर में झिंझोरकर सब कुछ उड़ा ले जाती हैं,
छोड़ जाती हैं अपने पीछे अपने निशान,
उम्र भर दिल के किसी कोने में,
जब तब सालने के लिए,
कभी पानी बनकर झर जाती हैं,
और कभी धूप बनकर रोशन कर जाती हैं,
मन की बंद कोठरियों को,
लेकिन रहती हैं यह हमेशा,
साथ साथ, उम्र भर।
-नीरज

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